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à¤à¥à¤°à¥‚ण के वजन को बढ़ाने के लिठखादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥ :-
हरी सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¤¾à¤‚
हरी पतà¥à¤¤à¥‡à¤¦à¤¾à¤° सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ जैसे पालक, मेथी, बà¥à¤°à¥‹à¤•à¥à¤²à¥€ में फोलेट और फोलिक à¤à¤¸à¤¿à¤¡ होते हैं, जो शिशॠको जनà¥à¤® संबंधी कई विकारों से बचाते हैं। इसके साथ ही यह आयरन का à¤à¥€ अचà¥à¤›à¤¾ सà¥à¤°à¥‹à¤¤ हैं, जिससे शरीर में खून की कमी नहीं होती। à¤à¥à¤°à¥‚ण के वजन को बढ़ाने के लिठखादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥ में हरी पतà¥à¤¤à¥‡à¤¦à¤¾à¤° सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ को अवशà¥à¤¯ शामिल करें।
अंडे का करें सेवन
अंडे में पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ होती है, जिससे à¤à¤®à¤¿à¤¨à¥‹ à¤à¤¸à¤¿à¤¡ मिलता है और यह शिशॠके लिठजरूरी है। अंडों के कई विटामिन और मिनरल à¤à¥€ मौजूद होते हैं जैसे कोलिन जो शिशॠके दिमागी विकास में मदद करते हैं। à¤à¤¸à¥‡ में अंडों का सेवन करना न à¤à¥‚लें। लेकिन, गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में कचà¥à¤šà¥‡ या अधपके अंडों का सेवन करने से बचे।
नॉनवेजिटेरियन तो मछली खाते समय रखें सावधानी
मछली में à¤à¥€ पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ और हेलà¥à¤¦à¥€ ओमेगा 3 फैटी à¤à¤¸à¤¿à¤¡ होता है, जो गरà¥à¤ में पल रहे शिशॠके लिठजरूरी है। मछली हेलà¥à¤¦à¥€ पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी के लिठआवशà¥à¤¯à¤• है। लेकिन कचà¥à¤šà¥€ या अधपकी मछली न खाà¤à¤‚। इसके साथ ही à¤à¤¸à¥€ मछली का सेवन à¤à¥€ न करें जिसमें पारा(Mercury) होता है। आप चाहे तो इस बारे में डॉकà¥à¤Ÿà¤° से à¤à¥€ जानकारी ले सकते हैं कि मछली खाते समय किन बातों का विशेष तौर पर खà¥à¤¯à¤¾à¤² रखना चाहिà¤à¥¤ डॉकà¥à¤Ÿà¤° आपको कà¥à¤› मछलियों के नाम à¤à¥€ बताà¤à¤‚गे तो गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में खाना सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ होता है।
फल
अपने आहार में फलों को à¤à¥€ शामिल करें। जैसे सेब , इसमें फाइबर की उचà¥à¤š मातà¥à¤°à¤¾ होती है जिससे गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला की पाचन कà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ सही रहती है। इसके साथ ही कबà¥à¤œ से à¤à¥€ राहत मिलती है। केले, तरबूज और तरह-तरह की बेरीज जैसे बà¥à¤²à¥‚बेरी,सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‰à¤¬à¥‡à¤°à¥€ आदि à¤à¥€ गरà¥à¤à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में शिशॠके विकास में मददगार हैं।
खटà¥à¤Ÿà¥‡ फल
à¤à¥à¤°à¥‚ण के वजन को बढ़ाने के लिठखादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥ में अगले हैं खटà¥à¤Ÿà¥‡ फल। खटà¥à¤Ÿà¥‡ फलों में विटामिन सी पाया जाता है जैसे संतरा,मौसमी, आंवला, नींबू आदि। इसके साथ ही इसमें फाइबर और फोलिक à¤à¤¸à¤¿à¤¡ की à¤à¥€ अचà¥à¤›à¥€ मातà¥à¤°à¤¾ होती है। इससे à¤à¥à¤°à¥‚ण के विकास में मदद मिलती है।
साबà¥à¤¤ अनाज
साबà¥à¤¤ अनाज में à¤à¥€ फोलिक à¤à¤¸à¤¿à¤¡, फाइबर और आयरन की अचà¥à¤›à¥€ मातà¥à¤°à¤¾ होती है। इनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ लेने से à¤à¥€ गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला के शरीर को परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ पोषण मिलता है, जिससे à¤à¥à¤°à¥‚ण अचà¥à¤›à¥‡ से बà¥à¤¤à¤¾ है। गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में साबà¥à¤¤ अनाज जैसे बà¥à¤°à¤¾à¤‰à¤¨ राइस, दलिया आदि का सेवन à¤à¥€ करना आवशà¥à¤¯à¤• है।
दालें
दालों (जैसे चना दाल, मूंग दाल, कला चना, मसूर दाल आदि) में फोलेट और विटामिन B à¤à¤°à¤ªà¥‚र मातà¥à¤°à¤¾ में होते हैं। फोलेट सेहतमंद गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के लिठबेहद आवशà¥à¤¯à¤• है और इससे जनà¥à¤® संबंधी विकारों से à¤à¥€ छà¥à¤Ÿà¤•ारा मिलता है। à¤à¥à¤°à¥‚ण के वजन को बढ़ाने के लिठखादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥ में दालों का होना à¤à¥€ आवशà¥à¤¯à¤• है।
पनीर
पनीर कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤®, पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ और ओमेगा 3 का अचà¥à¤›à¤¾ सà¥à¤°à¥‹à¤¤ है। इसके कारण आप गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में इसे खा सकती हैं। इससे गरà¥à¤ में पल रहे शिशॠकी जरूरतें पूरी होती है। हालांकि इस दौरान सीमित मातà¥à¤°à¤¾ में ही इसे खाने की सलाह दी जाती है।
à¤à¤µà¥‹à¤•ाडो
à¤à¤µà¥‹à¤•ाडो में à¤à¥€ पोटेशियम और फोलिक à¤à¤¸à¤¿à¤¡ अधिक मातà¥à¤°à¤¾ में होता है। जिससे à¤à¥à¤°à¥‚ण का विकास अचà¥à¤›à¥‡ से होता है। इसके साथ ही इसमें मैगà¥à¤¨à¥€à¤¶à¤¿à¤¯à¤®, कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® और फाइबर à¤à¥€ होता है, जिससे बचà¥à¤šà¥‡ की हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ और दांत मजबूत होते हैं। à¤à¥à¤°à¥‚ण के वजन को बढ़ाने के लिठखादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥ में à¤à¤µà¥‹à¤•ाडो लेने से आपको और आपके बचà¥à¤šà¥‡ दोनों को फायदा होगा।
बीज
सीडस यानी बीज में सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ वसा, पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨, फोलेट, विटामिन E , मैगà¥à¤¨à¥€à¤¶à¤¿à¤¯à¤® और ओमेगा 3 आदि à¤à¤°à¤ªà¥‚र होते हैं इसलिठइनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ पावर फूड à¤à¥€ कहा जाता है। इसके अलावा इनमें फाइबर à¤à¥€ होता है। बीज में मौजूद ओमेगा 3 शिशॠके दिमागी सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ के लिठलाà¤à¤¦à¤¾à¤¯à¤• है। इसलिठचिया बीज, कदà¥à¤¦à¥‚ के बीज, सूरजमà¥à¤–ी के बीज, तरबूज के बीज आदि का सेवन इस दौरान करना चाहिà¤à¥¤
à¤à¥à¤°à¥‚ण के वजन को बढ़ाने के लिठखादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥ : मेवे का सेवन
शोध के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान मेवे खाने से गरà¥à¤ में पल रहे शिशॠको à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ से बचाने में मदद मिल सकती है। अखरोट, बादाम, मूंगफली आदि फोलिक à¤à¤¸à¤¿à¤¡, कॉपर, आयरन आदि का अचà¥à¤›à¤¾ सà¥à¤°à¥‹à¤¤ है। इसके साथ ही इनमें पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ और सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ फैट à¤à¥€ होता है जिससे à¤à¥à¤°à¥‚ण का वजन बà¥à¤¤à¤¾ है। आप रोजाना अलग-अलग मेवे का सेवन कर सकती हैं ताकि आपको सà¤à¥€ मेवे से पोषण पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ हो सके। à¤à¤• बार में अधिक मेवे का सेवन करने से बचें।
फलियां (legumes)
फलियां (legumes) को आप साबà¥à¤¤ दालें à¤à¥€ कह सकते हैं जैसे राजमा, सोयाबीन, साबà¥à¤¤ माह, साबà¥à¤¤ मà¥à¤‚ग, लोबिआ आदि। इनमें फाइबर, पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨, आयरन, फोलेट और कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® की अचà¥à¤›à¥€ मातà¥à¤°à¤¾ होती है। जिनकी गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान शरीर की जरूरत होती है। यह मां और à¤à¥à¤°à¥‚ण दोनों के सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ के लिठयह जरूरी हैं।
शकरकंदी
शकरकंदी में बीटा कैरोटीन à¤à¤°à¤ªà¥‚र होती है, जो à¤à¤• à¤à¤¸à¤¾ ततà¥à¤µ है जो विटामिन A में परिवरà¥à¤¤à¤¿à¤¤ हो जाता है। विटामिन A कोशिकाओं और टिशà¥à¤¯à¥‚स के विकास के लिठबहà¥à¤¤ आवशà¥à¤¯à¤• होता है। यानी गरà¥à¤ में पल रहे शिशॠके विकास के लिठशकरकंदी खाना न à¤à¥‚ले। इससे सà¥à¤Ÿà¤¾à¤°à¥à¤š के रूप में ऊरà¥à¤œà¤¾ à¤à¥€ मिलती है। अगर आपको डायबिटीज की समसà¥à¤¯à¤¾ है तो बेहतर होगा कि किसी à¤à¥€ फूड को खाने से पहले डॉकà¥à¤Ÿà¤° की राय जरूर लें।
à¤à¥à¤°à¥‚ण का वजन बढ़ाने के टिपà¥à¤¸ : दूध है जरूरी
दूध और दूध से बने खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥ गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के लिठजरूरी हैं। यह न केवल मां बलà¥à¤•ि शिशॠके लिठà¤à¥€ लाà¤à¤¦à¤¾à¤¯à¤• है। दूध पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ और कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® का अचà¥à¤›à¤¾ सà¥à¤°à¥‹à¤¤ है। अगर शरीर में पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ की कमी होगी, तो जनà¥à¤® के समय शिशॠका वजन कम हो सकता है। यही नहीं, पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ से शिशॠको पूरा पोषण मिलता है। इसके साथ ही कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® शिशॠकी हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ और दांतों के लिठफायदेमंद हैं। आप दूध का सेवन रात के समय या फिर दà¥à¤§ से बने फूड का सेवन à¤à¥€ कर सकते हैं। अगर आपको दूध से à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ है तो बेहतर होगा कि आप दूध के विकलà¥à¤ªà¥‹à¤‚ का चयन करें ताकी आपके शरीर में पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ और कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® की कमी न हो सके।
मीट
मीट à¤à¥€ पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ का अचà¥à¤›à¤¾ सà¥à¤°à¥‹à¤¤ है। इसके साथ ही इसमें आयरन, कोलिन और विटामिन B की अचà¥à¤›à¥€ मातà¥à¤°à¤¾ होती है। जो शिशॠऔर मां दोनों के लिठलाà¤à¤¦à¤¾à¤¯à¤• है। मीट का सेवन करने से पहले उसे अचà¥à¤›à¥‡ से साफ करें और उचित ताप में पकाने से बाद ही खाà¤à¤‚। अगर मीट को अचà¥à¤›à¥€ तरह से पका कर नहीं खाया गया तो मां और होने वाले शिशॠको नà¥à¤•सान à¤à¥€ पहà¥à¤‚च सकता है। आप इस बारे में डॉकà¥à¤Ÿà¤° से à¤à¥€ जानकारी ले सकते हैं।
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में पानी की न होने दें कमी
पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी के दौरान बचà¥à¤šà¥‡ का वजन कैसे बढ़ा सकते हैं, इस बारे में आपको जानकारी तो पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ हो गई है। अब आपको इस बारे में à¤à¥€ जान लेना चाहिठकि शरीर के लिठजितना अहम ठोस आहार है, उतना ही अहम तरल पदारà¥à¤¥ à¤à¥€ है। शरीर में पानी की कमी के कारण गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला को डिहाइडà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤¨ की समसà¥à¤¯à¤¾ à¤à¥€ हो सकती है जो होने वाले बचà¥à¤šà¥‡ के लिठखतरनाक साबित हो सकता है। आपको दिन में सात से आठगà¥à¤²à¤¾à¤¸ पानी के साथ ही लिकà¥à¤µà¤¿à¤¡ फूड à¤à¥€ लेना चाहिà¤à¥¤ à¤à¤¸à¤¾ करने से पानी की कमी से बचा जा सकता है। आप इस विषय में अधिक जानकारी के लिठडॉकà¥à¤Ÿà¤° से à¤à¥€ परामरà¥à¤¶ कर सकते हैं।
à¤à¥à¤°à¥‚ण का वजन बढ़ाने के टिपà¥à¤¸ : इन सपà¥à¤²à¥€à¤®à¥‡à¤‚टà¥à¤¸ का करें सेवन
इन खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ के साथ ही गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में सपà¥à¤²à¥€à¤®à¥‡à¤‚ट लेना न à¤à¥‚ले। कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि, कई बार खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ से आपको पूरे पोषक ततà¥à¤µ नहीं मिल पाते। इसलिà¤, डॉकà¥à¤Ÿà¤° आयरन, फोलिक à¤à¤¸à¤¿à¤¡ आदि के सपà¥à¤²à¥€à¤®à¥‡à¤‚ट देते हैं। ताकि, गरà¥à¤ में शिशॠका वजन बढे और उसका विकास सही से हो सके।
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